शुभेंदु की पहली कैबिनेट ने बदली बंगाल की दिशा

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में नवान्न में आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में सीमाई सुरक्षा, केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधार, कानून-व्यवस्था और युवाओं को राहत देने जैसे कई अहम फैसले लिए गए। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अब सुशासन, सुरक्षा और डबल इंजन सरकार के नए दौर की शुरुआत हो चुकी है और राज्य को भाजपा शासित अन्य राज्यों की विकास नीति के अनुरूप तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी सरकार संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के जनता के लिए, जनता द्वारा और जनता की सरकार के सिद्धांत पर कार्य करेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश डर बाहर, भरोसा अंदर का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनता की सुरक्षा, विश्वास और विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि बंगाल लंबे समय तक भय, भ्रष्टाचार और राजनीतिक हिंसा का शिकार रहा है, लेकिन अब राज्य में पारदर्शी प्रशासन और विकास आधारित राजनीति का नया अध्याय शुरू होगा।

कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ा निर्णय सीमाई सुरक्षा को लेकर लिया गया। सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को आवश्यक भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने भूमि एवं राजस्व विभाग तथा मुख्य सचिव को अगले 45 दिनों के भीतर पूरी प्रक्रिया संपन्न करने का निर्देश दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने अवैध घुसपैठियों के हित में केंद्र सरकार और अदालतों के निर्देशों की अनदेखी की थीए जिससे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने पश्चिम बंगाल को आधिकारिक रूप से आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य विभाग को केंद्र सरकार के साथ आवश्यक समझौते शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना, पीएम श्री योजना, विश्वकर्मा योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला योजना समेत कई केंद्रीय योजनाओं को राज्य में तेजी से लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की गई है। जिला अधिकारियों को सभी लंबित आवेदनों को शीघ्र केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पात्र लोगों को जल्द लाभ मिल सके। प्रशासनिक सुधारों के तहत राज्य के आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण प्रणाली से जोड़ने का फैसला लिया गया है।

साथ ही भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अनुरूप प्रशासनिक ढांचे को पूरी तरह समायोजित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक तंत्र को आधुनिक, जवाबदेह और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा ताकि जनता को समयबद्ध सेवाएं मिल सकें। युवाओं को राहत देते हुए सरकार ने सरकारी नौकरियों में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा पांच वर्ष बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। इससे लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने जनगणना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय के 16 जून 2025 के निर्देश को लागू नहीं किया था, जिसे उनकी सरकार ने तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र सरकार की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी। अब प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के नाम से संचालित इस योजना के तहत पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा मिलता है। लाभार्थियों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड दिया जाता है, जिसके माध्यम से सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध होती है।