नेपाल बाढ़ समाचार: प्रशासन ने लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा

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नई दिल्ली। नेपाल में हालिया विनाशकारी बाढ़ की त्रासदी से उबरने की कोशिशों के बीच शुक्रवार को एक बार फिर संभावित बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नेपाल पुलिस ने तिब्बत की ओर पानी का बांध या प्राकृतिक जल अवरोध फिर टूटने की सूचना मिलने के बाद तत्काल अलर्ट जारी किया है। पुलिस ने सुरक्षा बलों, राहत एवं बचाव अभियान में जुटे कर्मियों और आम लोगों को सतर्क रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। संभावित खतरे को देखते हुए त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों में एक बार फिर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नेपाल पुलिस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी सूचना में बताया कि तिब्बती क्षेत्र की ओर जल अवरोध टूटने की जानकारी मिली है। इसके बाद ऊपर से पानी का तेज बहाव आने की आशंका जताई गई है। पुलिस ने सभी सुरक्षा कर्मियों, राहत और बचाव अभियान में शामिल कर्मचारियों तथा आम नागरिकों को तत्काल सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों से अपने आसपास मौजूद अन्य लोगों को भी संभावित खतरे की जानकारी देने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए प्रेरित करने की अपील की गई है। नेपाल पुलिस ने अपने अलर्ट में स्पष्ट किया है कि मौजूदा परिस्थितियों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। पुलिस, सुरक्षा बल और राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। खासकर नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। नेपाल में हालिया बाढ़ के दौरान बड़े पैमाने पर जनहानि और संपत्ति का नुकसान हुआ है। कई इलाकों में सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे प्रभावित हुए हैं। ऐसे में एक और संभावित बाढ़ का खतरा राहत एवं बचाव अभियान के लिए भी बड़ी चुनौती बन सकता है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल लोगों को संभावित खतरे वाले क्षेत्रों से बाहर निकालना और नदी के जलस्तर में होने वाले किसी भी बदलाव की तत्काल जानकारी जुटाना है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन तथा सुरक्षा एजेंसियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

त्रिशूली नदी के जलस्तर पर बढ़ी नजर
तिब्बत की ओर से संभावित तेज जलप्रवाह की सूचना के बाद नेपाल में त्रिशूली नदी को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन को आशंका है कि यदि ऊपर से बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर आता है तो नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। इसे देखते हुए त्रिशूली क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। नेपाल पहले ही भीषण बाढ़ और अचानक आई बाढ़ की घटनाओं से बड़े नुकसान का सामना कर चुका है। ऐसे में नए खतरे की सूचना ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राहत एवं बचाव अभियान में लगे दलों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

चीन में 5.1 तीव्रता के भूकंप से भी बढ़ी चिंता
इसी बीच चीन के सिचुआन प्रांत में शुक्रवार को 5.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र के अनुसार भूकंप सिचुआन प्रांत के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित लोंगचांग शहर में आया। चीनी मीडिया सीजीटीएन ने भी भूकंप की जानकारी दी है। भूकंप की खबर के बाद नेपाल में पहले से जारी प्राकृतिक आपदा के बीच सतर्कता और बढ़ा दी गई है। हालांकि तिब्बत की ओर जल अवरोध टूटने और चीन के सिचुआन में आए भूकंप के बीच सीधा संबंध होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। फिलहाल नेपाल प्रशासन संभावित जलप्रवाह और त्रिशूली नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है।

पहले से बाढ़ की मार झेल रहा नेपाल
गौरतलब है कि नेपाल और तिब्बत से लगे हिमालयी क्षेत्र में हाल में ग्लेशियर टूटने, भारी मलबे और अचानक आई बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई थी। इस आपदा में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई लोग लापता हुए। कई देशों के नागरिकों के प्रभावित होने की खबरों के बीच भारत समेत विभिन्न देशों ने राहत एवं बचाव कार्यों में सहायता पहुंचाई है। अब तिब्बती क्षेत्र की ओर जल अवरोध टूटने की नई सूचना ने नेपाल के सामने एक और चुनौती खड़ी कर दी है। त्रिशूली नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है और संभावित खतरे को देखते हुए प्रभावित इलाकों को खाली कराने का काम शुरू कर दिया गया है। आने वाले घंटों में पानी के बहाव की स्थिति पर नेपाल और सीमावर्ती क्षेत्रों की नजर बनी रहेगी।