कैंचीधाम ट्रैफिक मैनेजमेंट में बड़ा सुधार

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नैनीताल। उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के चलते जहां पुलिस बल की व्यापक तैनाती की गई है, वहीं इसका असर पर्यटन और धार्मिक स्थलों वाले जिलों में भी देखने को मिल रहा है। चारधाम यात्रा में लगभग 7000 पुलिसकर्मियों की तैनाती के कारण नैनीताल जिले में पुलिस फोर्स की कमी महसूस की जा रही थी। इस स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने एक अहम और नया कदम उठाते हुए पहली बार नैनीताल और कैंचीधाम क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की तैनाती की है। प्रशासन का यह फैसला खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इन दिनों पर्यटन सीजन अपने चरम पर है और नैनीताल, भवाली, भीमताल तथा कैंचीधाम जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में यदि ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू न रहे तो जाम, अव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े खतरे बढ़ सकते हैं। इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए न केवल एसएसबी को तैनात किया गया है, बल्कि होमगार्ड के जवानों की भी मदद ली जा रही है, ताकि यातायात और भीड़ नियंत्रण को बेहतर तरीके से संभाला जा सके। एसपी ट्रैफिक जगदीश चंद्र ने जानकारी देते हुए बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पैरामिलिट्री फोर्स की दो कंपनियां नैनीताल पहुंच चुकी हैं। इनमें से एक कंपनी को मल्लीताल क्षेत्र में तैनात किया गया है, जबकि दूसरी प्लाटून को भवाली के कैंचीधाम क्षेत्र में लगाया गया है। ये जवान स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर ट्रैफिक मैनेजमेंट और भीड़ नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इसके साथ ही प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कैंचीधाम जाने के लिए विशेष शटल सेवा भी शुरू की है। यह शटल सेवा भीमताल, भवाली, हल्द्वानी और नैनीताल से संचालित की जा रही है, जिससे लोगों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिल सके और सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो। इससे न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी, बल्कि यात्रियों को भी सुगम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा। प्रशासन द्वारा ट्रैफिक और डायवर्जन प्लान को भी प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है। इसके तहत मीडिया के माध्यम से आम जनता और यात्रियों तक जरूरी जानकारी पहुंचाई जा रही है, ताकि लोग पहले से ही अपने रूट और यात्रा की योजना बना सकें।