Feb 15, 2026

उधम सिंह नगर नाबालिग छात्रा मामला, सख्त कार्रवाई की मांग तेज

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उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के ट्रांजिट कैंप क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां एक कोचिंग शिक्षक पर नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर होटल ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद से क्षेत्र में आक्रोश और अभिभावकों में गहरी चिंता का माहौल है। मामले के अनुसार, 13 फरवरी को कोतवाली ट्रांजिट कैंप में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि उनकी नाबालिग बेटी पिछले दो वर्षों से आनंद विहार स्थित एक कोचिंग सेंटर में पढ़ाई कर रही थी। आरोप है कि कोचिंग शिक्षक विशाल कुमार सिंह ने छात्रा को झांसे में लेकर एक होटल में बुलाया, जहां उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए। परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2), 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी और आरोपी की तलाश शुरू कर दी।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी क्षेत्र में ही मौजूद है। सूचना के आधार पर 14 फरवरी की शाम करीब 6:50 बजे मोदी मैदान के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विशाल कुमार सिंह (29 वर्ष) पुत्र वीरेंद्र सिंह, निवासी किशनपुर टोला, जलालपुर, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। वर्तमान में वह ट्रांजिट कैंप क्षेत्र के संजय नगर खेड़ा में रह रहा था और एक कोचिंग सेंटर में शिक्षक के रूप में कार्यरत था।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने शिक्षक होने के नाते छात्रा के विश्वास का दुरुपयोग किया। जिस स्थान को शिक्षा और संस्कार का केंद्र माना जाता है, वहीं से ऐसी घटना सामने आना बेहद गंभीर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में भय और असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं।कोतवाली ट्रांजिट कैंप के एसआई महेश कांडपाल ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है और मामले की जांच जारी है। पुलिस अन्य साक्ष्यों को जुटाने में लगी है, ताकि आरोपों की पुष्टि कर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को जहां भी कोचिंग पढ़ने भेजें, उस संस्थान और संचालकों की पृष्ठभूमि की जांच अवश्य करें और बच्चों से नियमित संवाद बनाए रखें। इस घटना के बाद कई अभिभावकों ने कोचिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि निजी शिक्षण संस्थानों में निगरानी और जवाबदेही की सख्त व्यवस्था होनी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को ‘गुड टच-बैड टच’ की जानकारी देना, उन्हें खुलकर अपनी बात कहने का माहौल देना और किसी भी असामान्य व्यवहार पर तुरंत सतर्क होना बेहद जरूरी है। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज है और उसे न्यायिक प्रक्रिया से गुजरना होगा। परिजन और स्थानीय लोग दोषी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।