नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने आज शनिवार को लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर लगा नेशनल सिक्युरिटी एक्ट (एनएसए) हटा दिया है। यह आदेश तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दिया जाएगा। गृह मंत्रालय के अनुसार सोनम ने एनएसए एक्ट के तहत अपनी हिरासत की अवधि का लगभग आधा हिस्सा पूरा कर लिया है। केंद्र सरकार ने लद्दाख में जारी गतिरोध को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय ने एनएसए के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया है। बता दें कि सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था। वह लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। आंदोलन के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद उनकी गिरफ्तारी की गई थी। इन प्रदर्शनों में 4 लोगों की मौत हुई थी। 90 लोग घायल हुए थे। सरकार का आरोप है कि वांगचुक ने इस हिंसा को भड़काया। उधर उनकी हिरासत के बाद लद्दाख और देश के अन्य हिस्सों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए थे। अब हिरासत खत्म होने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र सरकार और लद्दाख के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत का नया दौर शुरू हो सकता है। गृह मंत्रालय ने अब स्पष्ट किया है कि भविष्य की सकारात्मक चर्चाओं को ध्यान में रखते हुए ही यह रिहाई सुनिश्चित की गई है, ताकि केंद्र और लद्दाख के बीच विश्वास की कमी को दूर किया जा सके।
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