बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर स्मार्ट बोर्ड; क्यूआर कोड स्कैन कर जानें निकटतम मेडिकल स्टोर का पता

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चमोली। विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम और सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए चमोली जिला प्रशासन ने सुरक्षा और तकनीक का बेजोड़ संगम पेश किया है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर 'स्मार्ट हेल्थ एक्सेस' की शुरुआत की है। अब किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालु केवल एक 'QR कोड' स्कैन कर 13 अलग-अलग भाषाओं में चिकित्सा सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा पर न केवल भारत के कोने-कोने से, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं। कई बार भाषा की समस्या के कारण बाहरी राज्यों के यात्रियों को स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी जुटाने में कठिनाई होती थी। इस समस्या का समाधान करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सूचना तंत्र को हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 11 अन्य क्षेत्रीय और विदेशी भाषाओं में उपलब्ध कराया है। अब यात्री अपनी मातृभाषा में डॉक्टरों, अस्पतालों और उपलब्ध दवाओं की जानकारी देख सकेंगे। यात्रा मार्ग पर प्रमुख स्थानों, विश्राम गृहों और साइन बोर्डों पर विशेष QR कोड चस्पा किए गए हैं। जैसे ही कोई यात्री अपने मोबाइल से इसे स्कैन करेगा, उसके सामने एक डैशबोर्ड खुल जाएगा। इसमें निकटतम स्वास्थ्य केंद्र और अस्पताल की लोकेशन,ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों के मोबाइल नंबर,108 एम्बुलेंस सेवा का सीधा लिंक,नजदीकी मेडिकल स्टोर की सूची,हाई एल्टीट्यूड पर जीवन रक्षक बनेगी तकनीक। चमोली जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की इस संयुक्त पहल का मुख्य उद्देश्य 'गोल्डन ऑवर' (आपातकाल के शुरुआती महत्वपूर्ण समय) में मरीज को उपचार दिलाना है। बदरीनाथ मार्ग पर कम ऑक्सीजन और अत्यधिक ऊंचाई के कारण हृदय और सांस संबंधी परेशानियां अक्सर सामने आती हैं। ऐसे में यह डिजिटल तकनीक तत्काल मदद पहुँचाने में 'लाइफलाइन' साबित होगी। जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना हमारी प्राथमिकता है। इस डिजिटल इंटरवेंशन से न केवल यात्रियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि स्वास्थ्य विभाग को भी रियल-टाइम डेटा के साथ भीड़ प्रबंधन और चिकित्सा राहत पहुंचाने में आसानी होगी। श्रद्धालुओं ने भी प्रशासन की इस 'स्मार्ट' पहल का स्वागत किया है, जिससे देवभूमि की यात्रा अब और भी अधिक भरोसेमंद हो गई है।