रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू होने में अब ठीक एक महीना शेष रह गया है। चारधाम यात्रा 2026 के तहत केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खुलने हैं, जबकि पूरी यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। ऐसे में प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देने की रफ्तार बढ़ा दी है। इसी क्रम में रुद्रप्रयाग के प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा ने जिला सभागार में उच्चस्तरीय बैठक की और केदारनाथ यात्रा की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्ध तरीके से और पूर्ण समन्वय के साथ पूरे किए जाएं, ताकि यात्रा सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सफल हो। बैठक में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि 22 अप्रैल से शुरू होने वाली यात्रा के लिए सभी विभागों के बीच जिम्मेदारियां स्पष्ट कर दी गई हैं। यात्रा मार्ग पर हर स्तर पर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। पशुपालन विभाग ने घोड़े-खच्चरों का पंजीकरण और स्वास्थ्य जांच शुरू कर दी है। पशुओं का नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और निगरानी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या न हो।
लोक निर्माण विभाग सड़कों के सुधार पर फोकस कर रहा है। क्षतिग्रस्त हिस्सों का चिह्नांकन कर पैचवर्क का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। डेंजर जोन और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं, ताकि यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बने। स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा मार्ग पर पर्याप्त एंबुलेंस तैनात करने, डॉक्टरों-पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति और पड़ावों पर स्वास्थ्य शिविर लगाने की योजना बनाई है। आवश्यक दवाओं, उपकरणों और आपात उपचार की व्यवस्था पुख्ता की जा रही है। प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा, "केदारनाथ यात्रा आस्था, संस्कृति और प्रदेश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।" उन्होंने पार्किंग, ट्रैफिक प्रबंधन, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं को पूरी तरह दुरुस्त करने के निर्देश दिए। यात्रा के दौरान आने वाली शिकायतों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने पर जोर दिया, ताकि श्रद्धालुओं को सुखद और सुरक्षित अनुभव मिले। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस बार लाखों श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के दर्शन कर सकें। बैठक में सभी विभागों को आपसी तालमेल बढ़ाने और समयसीमा का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी गई। केदारनाथ यात्रा की सफलता के लिए अब अंतिम चरण की तैयारियां जोरों पर हैं, और प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि यह यात्रा यादगार और निर्बाध हो।