महत्वपूर्ण राष्ट्रीय रोजगार अभियानों से पहले नेहरू ग्राम कॉलेज में धांधली के बुनियादी ढांचे को किया गया ध्वस्त

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उत्तराखंड विशेष कार्य बल ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं में सेंध लगाने वाले एक बेहद शातिर और हाईटेक नकल रैकेट के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल की है। एसटीएफ की टीम ने देहरादून के नेहरू ग्राम स्थित 'सेंट जॉन अकादमी' परीक्षा केंद्र से गिरोह के एक और मुख्य सदस्य को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अत्याधुनिक तकनीकों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए ऑनलाइन परीक्षाओं में नकल कराने का गोरखधंधा चला रहा था। इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने आगामी 18 मई को होने वाली एसएससी कांस्टेबल (जीडी) ऑनलाइन परीक्षा के लिए तय किए गए इस केंद्र को तुरंत सील कर दिया है।

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि खुफिया सूचनाओं के आधार पर टीम ने जाल बिछाकर आरोपी ईश्वरी प्रसाद (उर्फ इंद्रजीत शर्मा उर्फ इंदर) को गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से दिल्ली के निहाल विहार का रहने वाला है। जिस वक्त एसटीएफ ने दबिश दी, उस समय आरोपी सेंट जॉन अकादमी की कंप्यूटर लैब में इन अवैध उपकरणों को इंस्टॉल करने यानी नकल का नया ताना-बाना बुनने की प्रक्रिया में था। जांच में सामने आया है कि इस बड़े रैकेट का भंडाफोड़ इसी साल 13 फरवरी को कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित मल्टी-टास्किंग (गैर-तकनीकी) स्टाफ और हवलदार पदों की ऑनलाइन परीक्षा के दौरान हुआ था। पूछताछ में आरोपी ईश्वरी प्रसाद ने कबूल किया कि 13 फरवरी की परीक्षा के दौरान उसने ही देहरादून के एमकेपी परीक्षा केंद्र पर नकल कराने के लिए पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया था। उसने केंद्र के सर्वर रूम, परीक्षा प्रयोगशाला और यहां तक कि एक भूमिगत (अंडरग्राउंड) कक्ष को प्रभावित करके नकल का पूरा सिस्टम सेट किया था। इस गिरोह के तार बेहद गहरे जुड़े हैं और एसटीएफ अब तक ईश्वरी प्रसाद समेत इसके चार सदस्यों को जेल की सलाखों के पीछे भेज चुकी है। एसएसपी अजय सिंह ने एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी ईश्वरी प्रसाद पुराना हिस्ट्रीशीटर है। वह नवंबर 2025 में एसएससी द्वारा आयोजित प्रथम श्रेणी की 'मल्टी-टास्किंग स्टाफ' और 'क्लर्क स्टाफ' परीक्षाओं में हुई हाईटेक नकल की घटनाओं में भी मुख्य वांछित संदिग्ध था। पूछताछ में यह भी पता चला है कि इस गिरोह ने सेंट जॉन अकादमी के अलावा देहरादून के कुछ अन्य परीक्षा केंद्रों के सर्वर्स को भी रिमोट एक्सेस और मैलवेयर के जरिए 'प्रभावित' किया था। एसटीएफ की इस मुस्तैदी से एक बड़ा परीक्षा घोटाला होने से बच गया है। दरअसल, सेंट जॉन अकादमी को दो दिन बाद यानी 18 मई को होने वाली देशव्यापी एसएससी कांस्टेबल (जीडी) ऑनलाइन परीक्षा के लिए मुख्य केंद्र बनाया गया था। समय रहते आरोपी के पकड़े जाने और केंद्र के सर्वर्स के प्रभावित होने की पुष्टि के बाद, एसटीएफ ने इस परीक्षा केंद्र को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। एसएसपी ने बताया कि मामले की पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से एसएससी के क्षेत्रीय निदेशक (रीजनल डायरेक्टर) को अवगत करा दिया गया है, ताकि अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आगे का फैसला लिया जा सके। एसटीएफ अब गिरोह के अन्य मददगारों और नकल का फायदा उठाने वाले अभ्यर्थियों की तलाश में जुटी है।