शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना: टिहरी विधायक और मंत्रियों ने हादसे पर प्रकट की गहरी संवेदना

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उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। चंबा क्षेत्र के नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर सवारियों से भरा एक यूटिलिटी वाहन अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, वाहन में सवार सभी लोग हरिद्वार से एक अंतिम संस्कार में शामिल होकर अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में यह हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि वाहन में कुल 9 से 10 लोग सवार थे। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। स्थानीय लोगों ने भी रेस्क्यू अभियान में अहम भूमिका निभाई। एसडीआरएफ टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद दो घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों की पहचान उत्तम (30 वर्ष), निवासी ग्राम लोस्तु बड़ियारगढ़ और अंकित (22 वर्ष), निवासी ग्राम नेलचामी, घनसाली के रूप में हुई है। दोनों का इलाज जिला अस्पताल बौराड़ी में जारी है, जहां उनकी हालत पर डॉक्टरों की नजर बनी हुई है। इस हादसे ने एक परिवार को दोहरा सदमा दे दिया है। जानकारी के मुताबिक, जिस व्यक्ति के अंतिम संस्कार के लिए सभी लोग हरिद्वार गए थे, उसी के बेटे की भी इस दुर्घटना में मौत हो गई। यह घटना क्षेत्र में गहरे शोक और संवेदना का कारण बनी हुई है। टिहरी गढ़वाल के आपदा प्रबंधन अधिकारी ब्रजेश भट्ट ने हादसे में 8 लोगों की मौत और 2 के घायल होने की पुष्टि की है। वहीं, जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर खुद स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्यों का नेतृत्व किया। हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि टिहरी गढ़वाल के चंबा क्षेत्र में वाहन दुर्घटना की खबर अत्यंत दुखद है। उन्होंने दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवारों को इस दुख को सहने की शक्ति देने की कामना की। साथ ही, उन्होंने जिला प्रशासन को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश भी दिए हैं। यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और वाहन संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोग प्रशासन से इस मार्ग पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।