देहरादून। उत्तराखंड के आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए कांग्रेस ने प्रदेश में अपने चुनाव अभियान को नई धार देने के लिए बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अगले महीने उत्तराखंड के दौरे पर रहेंगे। राहुल गांधी जहां पिथौरागढ़ के सुदूर सीमांत क्षेत्र धारचूला में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे, वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा पौड़ी जिले में हुंकार भरती नजर आएंगी।
उत्तराखंड में कांग्रेस अपने राजनीतिक अभियान को गति देने की तैयारी में जुट गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी अगले महीने पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में जनसभा को संबोधित कर सकते हैं, जबकि राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की पौड़ी जिले में जनसभा प्रस्तावित है। दोनों नेताओं के कार्यक्रमों की तारीख अभी तय नहीं हुई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के अनुसार, एक नवंबर को दिल्ली में राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ होने वाली बैठक में जनसभाओं की तिथि और कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। पार्टी की योजना के मुताबिक, दिवाली के बाद दोनों नेताओं के उत्तराखंड दौरे हो सकते हैं। इन जनसभाओं के माध्यम से कांग्रेस प्रदेश से जुड़े प्रमुख मुद्दों को जनता के बीच उठाने और संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की तैयारी कर रही है। राहुल गांधी की प्रस्तावित जनसभा के लिए पिथौरागढ़ जिले के धारचूला को चुना गया है। सीमांत क्षेत्र होने के कारण इस कार्यक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धारचूला और आसपास के इलाकों में स्थानीय लोगों की समस्याओं, रोजगार, पलायन तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास जैसे विषयों को प्रमुखता दिए जाने की संभावना है। हालांकि, जनसभा की तारीख और विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा की प्रस्तावित जनसभा पौड़ी जिले में आयोजित करने की योजना है। कांग्रेस इस कार्यक्रम के माध्यम से पहाड़ की समस्याओं और प्रदेश की सामाजिक परिस्थितियों से जुड़े मुद्दों को सामने लाने की तैयारी में है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, दोनों जनसभाओं में अंकिता हत्याकांड, बेरोजगारी, पलायन, भूमि संबंधी विषयों और मूल निवास जैसे मुद्दे उठाए जा सकते हैं। कांग्रेस इन विषयों के जरिए प्रदेश के लोगों से जुड़े सवालों को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में लाना चाहती है। उत्तराखंड में रोजगार के अवसरों की कमी, पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन और भूमि संबंधी चिंताएं लंबे समय से सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा रही हैं। ऐसे में कांग्रेस की प्रस्तावित सभाओं में इन मुद्दों पर पार्टी का रुख और सरकार से जुड़े सवाल प्रमुखता से सामने आ सकते हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने स्पष्ट किया है कि दोनों नेताओं की जनसभाओं की तारीख दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद तय होगी। बैठक में राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की जाएगी। फिलहाल कांग्रेस की नजर इन प्रस्तावित कार्यक्रमों के जरिए प्रदेश में अपने अभियान को आगे बढ़ाने पर है। अब यह देखना होगा कि राष्ट्रीय नेतृत्व की बैठक में जनसभाओं की तारीखों पर क्या निर्णय होता है और पार्टी किन मुद्दों को प्रमुखता के साथ जनता के सामने रखती है।

