मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पवित्र दर्शन के लिए दुनिया भर से आ रहे श्रद्धालुओं को पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया

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देहरादून। कर्णप्रयाग और नगरासू में हाल ही में सामने आई घटनाओं और गुरुद्वारा स्थल से जुड़े विवाद पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। सचिवालय में आयोजित एक आपातकालीन उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट और दोटूक शब्दों में कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में ऐसा कोई भी कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जिससे किसी भी धर्म, समुदाय या आस्था को ठेस पहुंचे। उन्होंने कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों को कड़ी चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारे सभी धार्मिक स्थल आस्था, श्रद्धा और समाज को सकारात्मक मार्गदर्शन देने वाले पवित्र केंद्र हैं। देवभूमि की संस्कृति में सभी का सम्मान करना और 'अतिथि देवो भवः' की भावना का पालन करना हमारे खून में शामिल है। राज्य का वातावरण खराब करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।

नगरासू की घटना का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष और आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच के आधार पर जो भी दोषी पाया गया है, उसके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की गई है और तथ्यों के आधार पर आगे भी सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। सीएम धामी ने जोर देकर कहा कि कोई भी समस्या हो, उसका समाधान आपसी संवाद, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण माहौल के माध्यम से ही संभव है, न कि विवाद से। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक चर्चाओं पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं से किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कुछ तत्व सोशल मीडिया के माध्यम से समाज और समुदायों को बांटने का दुर्भावनापूर्ण प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे भड़काऊ पोस्ट डालने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ तत्काल कानूनी मुकदमा दर्ज किया जाए। विवादों के बीच मुख्यमंत्री ने साफ किया कि प्रदेश में चारधाम यात्रा के साथ-साथ पवित्र हेमकुंड साहिब की यात्रा भी पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित हो रही है। इस वर्ष यात्रा ने सफलता के नए आयाम छुए हैं। अब तक रिकॉर्ड 40 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार, बदरी विशाल, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा के शुरुआती दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 25 हजार अधिक दर्ज की गई है। उन्होंने याद दिलाया कि उत्तराखंड सिख गुरुओं की पवित्र कर्मभूमि रही है। यहां हेमकुंड साहिब, रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब जैसे तीन प्रमुख पवित्र स्थल मौजूद हैं, जिनकी गरिमा और सुरक्षा के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस उच्चस्तरीय और संवेदनशील बैठक में बदरी-केदार मंदिर समिति  के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, अपर मुख्य सचिव आरके सुधांशु, सचिव गृह शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव विनय शंकर पांडेय, डीजी अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। सीएम ने सभी अधिकारियों को यात्रा रूट पर तैनात रहने और यात्रियों की सुख-सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।