बरगी हादसा: लाइफ जैकेट भी नहीं रोक सकीं त्रासदी

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जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद सामने आई तस्वीरों ने प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद डैम के पानी में तैरती लाइफ जैकेट्स के बंडल लापरवाही की ओर साफ-साफ इशारा कर रहे हैं। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि दो से तीन बंडल लाइफ जैकेट पानी में बहते नजर आए, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि यदि समय रहते इन्हें यात्रियों को उपलब्ध कराया जाता, तो शायद कई जिंदगियां बचाई जा सकती थीं। हादसे के बाद धीरे-धीरे कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कई यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी, तब भी उनकी जान क्यों नहीं बच सकी। जानकारी के अनुसार कई मृतकों के शव लाइफ जैकेट पहने हुए ही बरामद किए गए हैं, जिससे हादसे के कारणों को लेकर संशय और गहरा गया है। फिलहाल इस पूरे मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

इस घटना को लेकर मौसम और प्रशासनिक अनुमति पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि जबलपुर में तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया था। इसके बावजूद नर्मदा नदी में क्रूज संचालन की अनुमति कैसे दी गई, यह एक बड़ा प्रश्न बन गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब क्रूज नदी में था, उस समय भी तेज हवाएं चल रही थीं और पानी में उठती लहरें लगातार उसका संतुलन बिगाड़ रही थीं, फिर भी संचालन जारी रखा गया। मामले को लेकर राज्य के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित सभी क्रूज की फिटनेस की जांच कराई जाएगी और यदि किसी भी तरह की सुरक्षा में कमी पाई जाती है, तो संबंधित क्रूज को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि क्रूज में लाइफ जैकेट की व्यवस्था थी और कई लोगों ने उसे पहना भी हुआ था। मंत्री के अनुसार प्रारंभिक तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि नाव के निचले हिस्से यानी चैंबर में पानी भर जाने के कारण यह हादसा हुआ। ऐसी स्थिति में लाइफ जैकेट पहनने के बावजूद यात्रियों की जान नहीं बच सकी।

हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वास्तविक कारणों का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही किया जाएगा। बता दें कि इस भीषण हादसे में अब तक नौ लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। वहीं छह लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक क्रूज में कुल 43 लोग सवार थे। हादसे के वक्त अचानक तेज हवा और ऊंची लहरों ने क्रूज का संतुलन बिगाड़ दिया, जिससे वह पलटकर डैम में समा गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद से ही पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। परिजन अपने लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं, वहीं प्रशासन राहत और बचाव कार्य में लगा हुआ है। इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया जा रहा है या नहीं। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस दर्दनाक हादसे की असली वजह सामने आ सके।