सड़कों पर नमाज के खिलाफ उत्तर प्रदेश के बाद अब उत्तराखंड में भी लागू हुई कड़क व्यवस्था

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देहरादून। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सड़कों पर नमाज पढ़ने और सार्वजनिक मार्गों को धार्मिक प्रदर्शनों का जरिया बनाने को लेकर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि देवभूमि उत्तराखंड में किसी को भी सड़कों पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि धार्मिक गतिविधियां केवल उनके लिए निर्धारित और तय स्थानों पर ही संपन्न होनी चाहिए, ताकि आम जनता और प्रदेश की व्यवस्था में कोई बाधा उत्पन्न न हो।

मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के हालिया बयान पर पलटवार करते हुए यह बात कही, जिसमें सड़कों पर नमाज पढ़ने की इजाजत देने की वकालत की गई थी। इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सीएम धामी ने कहा कि कुछ लोग समाज और देश की हर व्यवस्था को केवल वोट बैंक के संकीर्ण नजरिए से देखते हैं, जो कि पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा हमें ऐसी व्यवस्थाओं में राजनीति और वोट बैंक से ऊपर उठकर सोचना चाहिए। किसी को भी देवभूमि की शांति, गौरवशाली संस्कृति, और सामाजिक अनुशासन से छेड़छाड़ करने की छूट बिल्कुल नहीं दी जाएगी। इस समय उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा अपने पूरे शबाब पर है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस बात का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण समय में राज्य की सड़कों को किसी भी तरह के धार्मिक प्रदर्शनों का जरिया नहीं बनने दिया जाएगा। सरकार ने यह दृढ़ संकल्प लिया है कि देवभूमि में आने वाले सनातनी भाई-बहनों और चारधाम तीर्थयात्रियों को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा, जाम या परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद शासन और पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। सरकार का उद्देश्य साफ है कि यात्रा मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे। सीएम ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सभी धर्मों की आस्था का सम्मान करती है, लेकिन सार्वजनिक व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। अनुशासन तोड़ने वाले तत्वों के खिलाफ कानून के दायरे में सख्त कदम उठाए जाएंगे।