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आस्था का शिखर: 10 अक्तूबर को बंद होंगे हेमकुंड साहिब के कपाट, अंतिम दर्शनों के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

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चमोली। सिखों के प्रसिद्ध पवित्र तीर्थ स्थल श्री हेमकुंड साहिब की इस वर्ष की वार्षिक यात्रा अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। आगामी 10 अक्तूबर को परंपरा और धार्मिक विधि-विधान के साथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने की तिथि नजदीक आते ही दुर्गम हिमालयी वादियों में बसे इस पावन धाम में मत्था टेकने और अंतिम अरदास में शामिल होने के लिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का तांता लग गया है।

उत्तराखंड के प्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब की यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। शीतकाल के लिए हेमकुंड साहिब के कपाट 10 अक्तूबर को बंद किए जाएंगे। यात्रा के अंतिम दिनों में धाम में मत्था टेकने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी है। देश के विभिन्न हिस्सों से तीर्थयात्री अंतिम अरदास में शामिल होने और गुरु साहिब के दर्शन करने के लिए हेमकुंड साहिब पहुंच रहे हैं। इस वर्ष की यात्रा का समापन 10 अक्तूबर को होने वाली अंतिम अरदास के साथ होगा। इसके बाद गुरुद्वारा साहिब के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने के बाद हेमकुंड साहिब क्षेत्र में बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के कारण नियमित यात्रा और धार्मिक गतिविधियां अगले यात्रा सत्र तक स्थगित रहेंगी। हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के प्रबंधक सेवा सिंह के अनुसार कपाट बंद करने को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अंतिम अरदास और कपाट बंद होने के धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर भी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इस बार हेमकुंड साहिब की यात्रा ने श्रद्धालुओं की संख्या के लिहाज से नया रिकॉर्ड कायम किया है। अब तक 3 लाख 58 हजार से अधिक श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंचकर दर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यात्रा के अंतिम चरण में भी लगातार बढ़ रही भीड़ से साफ है कि कपाट बंद होने से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचना चाहते हैं। हेमकुंड साहिब समुद्र तल से करीब 15,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को कठिन पहाड़ी मार्ग और मौसम की चुनौती का सामना करना पड़ता है, लेकिन आस्था के आगे यह कठिनाई भी छोटी पड़ जाती है। हर वर्ष देश-विदेश से श्रद्धालु गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेकने के साथ पवित्र सरोवर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यात्रा के अंतिम दिनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा करने की सलाह दी जा रही है। 10 अक्तूबर को कपाट बंद होने के साथ ही इस वर्ष की यात्रा औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगी। रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं की आमद ने इस बार हेमकुंड साहिब यात्रा के प्रति बढ़ती आस्था और आकर्षण को भी रेखांकित किया है।