उत्तराखंड में आगामी 30 जुलाई से शुरू होने जा रही पावन कांवड़ यात्रा को भव्य, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर यात्रा की तैयारियों को लेकर सभी संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किए। इस महत्वपूर्ण बैठक में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कांवड़ क्षेत्र से जुड़े विभिन्न जनपदों के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने साफ लहजे में कहा कि कांवड़ मेले के सफल आयोजन के लिए सभी विभाग समयबद्ध तरीके से अपनी तैयारियां 30 जुलाई से पहले अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लें।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष कांवड़ मेला 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त 2026 तक संचालित होगा। शासन ने इस 13 दिवसीय मेले के दौरान उमड़ने वाली भीड़ का विशेष आकलन किया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि 31 जुलाई से 04 अगस्त के बीच 'पंचक काल' होने के कारण देवभूमि, विशेषकर हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की प्रबल संभावना है। इस अवधि के लिए पुलिस और प्रशासन को क्राउड मैनेजमेंट (भीड़ नियंत्रण) की विशेष और अतिरिक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। कांवड़ियों की सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्य सचिव ने कांवड़ पटरियों और प्रमुख पड़ाव स्थलों पर चाक-चौबंद व्यवस्था करने के निर्देश दिए। यात्रा मार्ग पर पर्याप्त पेयजल, मोबाइल शौचालय और नियमित कूड़ा उठान की व्यवस्था होगी। मच्छरों के प्रकोप और बीमारियों से बचाव के लिए लगातार फॉगिंग की जाएगी। रात के समय कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए समुचित पथ प्रकाश (स्ट्रीट लाइट्स) की व्यवस्था की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करते हुए मुख्य सचिव ने कांवड़ मार्ग पर अस्थायी सेक्टर चिकित्सालय बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, भीड़भाड़ वाले संकरे रास्तों पर त्वरित इलाज पहुंचाने के लिए पहली बार 'बी.एल.एस. एम्बुलेंस' के साथ-साथ 'बाइक एम्बुलेंस' की तैनाती करने के विशेष निर्देश दिए गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए हरिद्वार आने वाले वाहनों की पार्किंग के लिए चिन्हित स्थलों की मरम्मत और उनके विस्तारीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैरिकेडिंग और मार्ग सुधारीकरण के कार्यों को तत्काल गति देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्य सचिव ने यूपीसीएल को निर्देश दिया कि वे यात्रा शुरू होने से पहले बिजली आपूर्ति का संपूर्ण ऑडिट करें और यात्रा मार्गों पर स्थायी विद्युतीकरण की सुरक्षित व्यवस्था बनाएं, ताकि कहीं भी दुर्घटना की गुंजाइश न रहे। कांवड़ियों को शुद्ध खान-पान मिले, इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को कड़े निर्देश दिए गए हैं। यात्रा मार्ग पर चलने वाले स्थायी व अस्थायी स्टॉलों, भंडारों, होटलों और ढाबों पर निरंतर निरीक्षण किया जाएगा। मिलावटखोरी रोकने के लिए खाद्य पदार्थों के नमूने (सैंपल) लेने हेतु विशेष टीमों का गठन किया जाएगा। कानून व्यवस्था के संबंध में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि यात्रा के दौरान शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक और सख्त कदम उठाए जाएं। इसके लिए उन्होंने पड़ोसी राज्यों (उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली आदि) के साथ शीघ्र ही अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित कर उनसे आवश्यक सहयोग और तालमेल सुनिश्चित करने को कहा। इस उच्चस्तरीय बैठक में सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, विनोद कुमार सुमन, धीरज गर्ब्याल, अपर सचिव रीना जोशी, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप समेत जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी देहरादून आशीष चौहान, जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया और जिलाधिकारी टिहरी नीतिका खंडेलवाल सहित संबंधित जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व पुलिस कप्तान उपस्थित रहे।

