मानसून की बारिश और मंडियों में कम आवक ने आम आदमी की थाली का स्वाद बिगाड़ दिया है। क्षेत्र के खुदरा बाजारों में सब्जियों के दामों में आई हालिया उछाल से गृहणियों के घर का बजट पूरी तरह चरमरा गया है। सबसे ज्यादा हैरान करने वाले दाम हरे धनिये के हैं, जो 300 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। सब्जी विक्रेताओं के अनुसार, लगातार हो रही बारिश से फसलें खराब हो रही हैं, जिससे आपूर्ति बाधित हुई है।
सब्जियों के दाम में एक बार फिर तेजी आने से आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। सोमवार को सिविल लाइंस क्षेत्र में कई हरी सब्जियों और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों के भाव में बढ़ोतरी देखने को मिली। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला भाव हरे धनिये का रहा, जो 300 रुपये किलो तक पहुंच गया। वहीं गोभी और शिमला मिर्च 100 रुपये किलो बिकने से गृहणियों को सब्जी खरीदने के लिए पहले के मुकाबले अधिक रकम खर्च करनी पड़ रही है। सब्जी मंडी में प्याज का भाव बढ़कर 60 रुपये किलो पहुंच गया है। इसके अलावा तोरी और खीरा 60-60 रुपये, करेला 80 रुपये और हरी मिर्च 70 रुपये किलो बिक रही है। अदरक के दाम भी 150 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। महंगी सब्जियों की लंबी सूची के बीच आलू और टमाटर के भाव अपेक्षाकृत कम और स्थिर रहने से उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत जरूर मिली है। सोमवार को सिविल लाइंस क्षेत्र में सब्जियों के भाव इस प्रकार रहे प्याज 60, आलू 20, टमाटर 40, लौकी 20, तोरी 60, खीरा 60, करेला 80, शिमला मिर्च 100, गोभी 100, हरी मिर्च 70, हरा धनिया 300 और अदरक 150 रुपये किलो। सब्जी विक्रेता प्रकाश यादव के मुताबिक सब्जियों के भाव मुख्य रूप से मंडी में आवक और मौसम पर निर्भर करते हैं। जिन सब्जियों की आवक कम हो जाती है, उनके दाम तेजी से बढ़ने लगते हैं। हरे धनिये और कुछ अन्य सब्जियों की आवक कम होने के कारण उनके भाव में अचानक तेजी आई है। विक्रेताओं का कहना है कि लगातार हो रही बारिश का असर भी सब्जियों की उपलब्धता पर पड़ रहा है। खेतों से मंडी तक पहुंचने के दौरान बारिश के कारण कई सब्जियां खराब हो रही हैं। इससे अच्छी गुणवत्ता वाली सब्जियों की उपलब्धता घट रही है और इसका सीधा असर बाजार भाव पर पड़ रहा है। महंगी सब्जियों ने घरेलू बजट बनाने वालों की परेशानी बढ़ा दी है। गृहणियों का कहना है कि कुछ सब्जियों के दाम बढ़ने से रोजाना की खरीदारी में बजट का संतुलन बिगड़ रहा है। हालांकि आलू और टमाटर के दाम कम रहने से कुछ राहत है, लेकिन यदि आने वाले दिनों में अन्य सब्जियों के भाव भी बढ़े तो घरेलू खर्च पर इसका सीधा असर पड़ेगा। विक्रेताओं को उम्मीद है कि मौसम में सुधार के साथ मंडी में सब्जियों की आवक बढ़ी तो आने वाले दिनों में कुछ सब्जियों के दाम नीचे आ सकते हैं। फिलहाल महंगे धनिये से लेकर 100 रुपये किलो की गोभी और शिमला मिर्च तक ने रसोई का स्वाद महंगा कर दिया है।

