देहरादून एचआईवी जांच में अस्पताल रिकॉर्ड से रिपोर्ट का बड़ा अंतर सामने आया

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देहरादून। राजधानी देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र से रिश्तों को कलंकित करने वाला एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। यहां एक एचआईवी (HIV) पॉजिटिव विवाहिता की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद उसके पति के काले कारनामों से पर्दा उठा है। मृतका के भाई ने अपने जीजा पर जानबूझकर गंभीर बीमारी छिपाने, लापरवाही बरतने, फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने और अपनी बहन को संक्रमित करने का संगीन आरोप लगाया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी समाज को आईना दिखाने वाला एक सरकारी स्कूल का सहायक अध्यापक (शिक्षक) है। पीड़ित परिवार की तहरीर पर प्रेमनगर पुलिस ने आरोपी पति समेत चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है।

दर्ज शिकायत के मुताबिक, माजरी माफी निवासी युवक ने बताया कि उसकी बहन की शादी साल 2013 में पौड़ी गढ़वाल निवासी व्यक्ति से हुई थी। बीते 14 फरवरी 2026 को तबीयत बिगड़ने पर महिला को देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच में वह एचआईवी संक्रमित पाई गई। इसके बाद डॉक्टरों ने सुरक्षा के लिहाज से पति और उनके बेटे की भी जांच कराने की सलाह दी। लेकिन आरोप है कि सच्चाई सामने आने के डर से आरोपी शिक्षक अस्पताल से चुपचाप खिसक गया और जांच कराने से लगातार बचता रहा। उसने श्री महंत इन्द्रेश अस्पताल में भी दोबारा टेस्ट कराने से साफ इनकार कर दिया था। परिजनों के बढ़ते दबाव के बाद आरोपी ने व्हाट्सएप के जरिए अपनी एक एचआईवी रिपोर्ट भेजी, जिसे ग्राफिक एरा अस्पताल (धूलकोट) की 'नेगेटिव' रिपोर्ट बताया गया। इस बीच, इलाज के दौरान 2 मार्च 2026 को विवाहिता ने दम तोड़ दिया। बहन की मौत के बाद जब भाई ने उस व्हाट्सएप रिपोर्ट की सच्चाई जानने के लिए अस्पताल प्रशासन से संपर्क किया, तो उनके होश उड़ गए। अस्पताल के रिकॉर्ड से पता चला कि रिपोर्ट पर दर्ज यूएचआईडी नंबर असल में किसी अन्य महिला मरीज का था। आरोपी ने खुद को स्वस्थ दिखाने के लिए कूटचरित (फर्जी) दस्तावेज तैयार किए थे। प्रेमनगर थाने के एसएसआई जितेंद्र कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर पति समेत चार लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब अस्पतालों के मेडिकल रिकॉर्ड, कथित फर्जी रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल कर रही है। परिजनों का आरोप है कि पति के संक्रमण छिपाने के कारण ही उनकी बहन इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आई और उसकी जान चली गई।