उच्च स्तरीय समन्वय पैनल ने राज्य में लाखों लोगों के आगमन से पहले आपदा प्रबंधन अभ्यास को अंतिम रूप दिया

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हरिद्वार। आगामी कांवड़ मेले को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। धर्मनगरी हरिद्वार में सूबे के लोक निर्माण, पंचायती राज एवं पर्यटन और जिले के प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मेले की सुरक्षा, ट्रैफिक प्लान और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया गया। प्रभारी मंत्री ने एलान किया कि इस वर्ष कांवड़ मेला 30 जुलाई से 11 अगस्त तक आयोजित होगा, जिसके सफल संचालन के लिए सरकार ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए सरकार धन की कोई कमी नहीं होने देगी। बैठक में बताया गया कि कांवड़ मेले के विभिन्न कार्यों के लिए फिलहाल 18 करोड़ 53 लाख रुपये की मांग की गई है, जबकि मेले का कुल प्रस्तावित बजट 21 करोड़ 38 लाख रुपये रखा गया है। सतपाल महाराज ने अधिकारियों को दो टूक लहजे में चेतावनी दी कि देश के कोने-कोने से आने वाले करोड़ों शिवभक्तों की सुरक्षा और सुविधा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बार का कांवड़ मेला तकनीक और भव्यता के मामले में बेहद खास होने जा रहा है। सरकार ने कांवड़ियों के स्वागत और आपातकालीन चिकित्सा के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। हरिद्वार पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों के भव्य अभिनंदन के लिए आसमान से हेलिकॉप्टर के जरिए फूलों की बारिश की जाएगी। गंगा घाटों और जल मार्गों पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पहली बार अत्याधुनिक 'वाटर एंबुलेंस' की तैनाती की जा रही है। गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को तुरंत बड़े अस्पतालों में शिफ्ट करने के लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था को भी स्टैंडबाय (तैयार) मोड पर रखा जाएगा। मेले के दौरान कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए प्रभारी मंत्री ने श्रद्धालुओं से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से 'डीजे वाली कांवड़' लेकर आने वाले शिवभक्तों से कहा कि वे तय सीमा से अधिक तेज आवाज में डीजे न बजाएं। प्रशासन द्वारा ध्वनि प्रदूषण और सुरक्षा को लेकर जो भी नियम निर्धारित किए गए हैं, उनका पूरी तरह पालन करें। इसके साथ ही, प्रमुख पड़ाव स्थलों पर शुद्ध पेयजल, सुचारू पार्किंग, 24 घंटे साफ-सफाई, मुस्तैद चिकित्सा और सीसीटीवी कैमरों से लैस सुरक्षा ग्रिड तैयार किया जा रहा है।